Tuesday, 11 October 2016

कबीर जी और उनके गुरु की तर्क कहानी

कबीर जी जिनके दोहों में बहुत ही गहरा प्रेरणादायक सार छुपा है, ये वाक्या कबीर जी और उनके गुरु जी के साथ हुआ। इससे हमें सामाजिक प्रथाओं के बारे में ज्ञान होगा, कि कुछ प्रथाओं का महत्व नहीं होता। लेकिन ये पूर्वजों से चली आ रही हैं, इसी कारण हम भी इस तरह की प्रथाओं को मानते है।
एक दिन कबीर जी के गुरु ने कबीर जी से कहा की श्राद आने वाले है, मैं पितरों को भोजन करवाना चाहता हूॅं। तुम जाओ और खाने-पिने की वस्तुओं और दूद्ध का इन्तज़ाम करो। कबीर जी ने अपने गुरु का दिया आदेश माना और तुरन्त चल दिए, रास्ते में एक मरी हुई गांय देखी। कबीर जी ने मरी हुई गांय के सामने हरी घास रख दी और खुद वहां बैठ गए।

Thursday, 18 August 2016

परिश्रम का फल – जार्ज स्टीफेंस की कहानी

परिश्रम का फल – जार्ज स्टीफेंस की कहानी
एक बाजार मे दो भाई बहन घूमने निकले | बहन को दूकान मे टंगी एक टोपी बहुत पसंद आयी |भाई ने टोपी की कीमत पूछी तो उदास हो गया , क्युकी उसके पास इतने पैसे नहीं थे | फिर भी वह टोपी अपनी प्यारी बहन के लिए खरीदना चाह रहा था |इसकी कीमत कैसे चुकाई जाई ये सोच ही रहा था की अचानक एक साहब जी चिल्लाते हुए दौर rahe थे |
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Monday, 15 August 2016

लंदन के राष्ट्रपति लार्ड वेलिंगटन के सफलता की कहानी

लंदन मे एक छात्र था , उस का नाम वेलिंगटन था | वह बहत ही गरीब था , स्कूल मे हर वक्त फ़टे पुराने कपडे पहन कर जाया करता था | उसके सहपाठी हमेशा उसका मजाक उड़ाते थे | लेकिन वह तनिक भी बुरा नहीं मानता था | दरअसल , वह मन ही मन सोचा करता था , ये सहपाठी गरीब होने की वजह से उसका मजाक उड़ाते है | कई बार जब वह इस मजाक को गंभीरता से लेता था तब एकांत मे बैठ कर खूब रोता था , फिर अपने आप से समझोता कर गरीब की बात भूल जाता था और पढाई करने मे मस्त हो जाता |वेलिंगटन के घर बिजली नही थी , इस कारन वह रात मे रोड लाइट मे अपना होम वर्क किया करते थे , एक बार वेलिंगटन किसी कारण वश अपना होम वर्क नही कर पाये तो टीचर ने उसके दोनों हाथो मे डंडे से मारा |तो वह रोने लगा तो टीचर ने उसको चुप करने के उद्देशय से पूछा – क्यों वेलिंगटन ! यह टाइम पीश क्या कहती है 

Tuesday, 9 August 2016

डाकू से सीख – एक बालक की कहानी

एक छोटा सा लड़का स्कूल से घर आ रहा था , रास्ते मई कुछ डाकू उसको मिल गए | डाकू वो ने कहा जो भी तुम्हारे पास है हम को दे दो |

उस बालक के पास कुछ भी नहीं था , वह डाकू वो से बोल मेरे पास तो कुछ भी नहीं है | सिर्फ पहने हुआ कपडा और बुक्स है | डाकूवो ने कहा बुक्स तो हमारे काम की नहीं फिर भी इसको हमें दे दो , इनको बेचकर हम को कुछ तो मिलेगा | डाकू वो ने उस बालक से बुक्स छीन ली , बेचारा बालक मुंह लटकाकर चल दिया | जब वह कुछ दूर चला गया तो उसको याद आया की बुक्स उनके भी किसी काम की नहीं है | चलो मे दुबारा मांग कर देख लु , सायद वो दे ही दे |
बालक दौडता हुआ उनके पास जा पंहुचा और बोला , ये बुक्स आप लोगो के किसी काम की नहीं है कृपया यह मुझको दे दो |
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